Category: Hindi poetry

Freedom

उड़ने दो परिंदों को की उन्हें पूरा जहाँ नापना है । आकाश थोड़ा छोटा है, मगर उम्मीदों को पंख लगे है , उन्हें उड़ना है । इस जहाँ से परे एक और जहाँ है उसे थोड़ा सा झुकना है ।।। उड़ने दो इस परिंदे को की इसे पूरा आकाश नापना है इस जहाँ से परे…

Read more Freedom