मेरे घर के आँगन में दो पोधे बड़े हो रहे हे। देखों आज दोनो पे एक एक फूल आया हे। एक का नाम आभास हे जिसका कद थोड़ा बड़ा हे, लगता हे की अपने आप से ही बढ़ा हे। पिछले १८ बरसों से पता ही नहीं चला कि घर के आँगन में कहा खड़ा हे। …
Read more आभास का १८ वाँ और दैवित का पहला जन्मदिन
This year pass by just in the hope of new year! Happy New year! Yeh sal to bas agale ki aas me nikala!
Read more यह साल तो सिर्फ़ अगले की आस में गया !
Diwali is known as the “Festival of Lights” and is a Hindu holiday widely celebrated in India and across the Hindu diaspora. Wishing you a Happy #Deepavali
Read more अपनी अपनी दिवाली!
A poem after returning back from my motherland india in corona times.
Read more Today, I am back from my home country!
आज में फिर अपने देश हो आया हुँ।।कोरोना काल में भी अपनी मिट्टी से ख़ुशबू ले आया हुँ।।ना जाने इस मिट्टी में कितने दिन खेले थे।हर दिन का आज में हिसाब कर आया हुँआज में फिर अपने देश हो आया हुँ।। उस ने कहा मत जाओ।। कुछ ने कहा रुक जाओ।अभी कोरोना का ख़तरा टला…
Read more आज मे फिर अपने देश हो आया हुँ!
Hindi Poem Yeh Darıya by Kunal Jain.
यह दरिया मेरा दोस्त है ,
मुझसे रोज़ रोज़ बात करता है।
में जब कभी अंदर से दहलता हूँ
तो यह मुझे शांत करता है।
Read more यह दरिया मेरा दोस्त है।
मैं इस शहर में एक नए शहर को बसते हुए देख रहा हूँ।।I see A new town is nestling into my town!
Read more I see A new town is nestling!
My Mother’s Day poem in Hindi dedicated to my mother !
Read more माँ तु बहुत याद आयी आज !
Originally posted on Baithak (Living Concert) by Kunal Jain:
कुछ दिन हुए मुझे सपने में मेरा वो मकान दिखाई दिया, जिसमें कभी मेने वो बचपन गुज़ारा था जिसका जिकरा मेने शायद आज तक किसे से नहीं किया । उस मकान की ऊपर वाली मंज़िल पर अब कोई नहीं रहता । माँ से बात हुई तो…
Read more मेरा वो मकान
धूल धुआँ और शोर अब सब थम चुका है।।
हिन्दुस्तान का हर प्राणी अब समझ चुका है|
Read more धूल धुआँ और शोर, अब थम चुका है ।